महोबा। जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को सात वर्ष के कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। तीन आरोपियों पर दोष सिद्ध न होने पर बरी कर दिया गया।
कस्बा अजनर निवासी राधेश्याम यादव के भतीजे सुहेल यादव का गांव के ही कुछ लोगों से विवाद हो गया था। सात फरवरी 2022 को दबंगों ने सुहेल के पेट में गोली मारकर घायल कर दिया था। इस मामले में वीरेंद्र राजपूत, राजाराम, नीतेंद्र व रविंद्र राजपूत के खिलाफ जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राजीव कुमार पालीवाल ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह ने बताया कि मामले में वीरेंद्र राजपूत पर दोष सिद्ध हुआ। इससे सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। शेष तीन लोगों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है।
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