संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। ब्लाॅक चरखारी के प्रसिद्ध सिद्धपीठ काकुन के हनुमान मंदिर को जोड़ने वाली उखड़ी पड़ी रिवई-कबरई सड़क दो साल से लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है। आसपास के 12 गांवों के लोगों के साथ ही मुख्यालय समेत पड़ोसी जिलों से लोगों को धार्मिक स्थल आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
करीब 12 किलोमीटर के बीच सड़क पर बड़े-बड़े गड्डे हो गए हैं। रिवई, काकुन, कीरतपुरा, बैहारी, सिजौरा, पाठा, बम्हौरी, कमलखेड़ा, शिवहार, कनेरी समेत कबरई क्षेत्र के साथ ही आसपास के गांव से भारी संख्या में भक्त काकुन के हनुमान मंदिर आते जाते हैं। इसी रास्ते से सैकड़ों लोग वाहनों से 20 किमी दूर कबरई होकर बांदा, चित्रकूट तक का सफर करते करते हैं, लेकिन सड़क के उखड़ जाने से ग्रामीण परेशान हैं और महोबा, कबरई होकर 40 किमी का चक्कर लगाकर बांदा चित्रकूट जाने को मजबूर हैं। प्राचीन स्थल में भी आने वाले भक्तों की संख्या सड़क जर्जर होने के कारण घट गई।
इस सड़क से लोग आए दिन घायल हो रहे हैं। ग्राम प्रधान पाठा महेंद्र सिंह व कीरतपुरा प्रधान जगदेव सिंह पटेल ने बताया की डीएम, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और प्रतिनिधियों को भी समस्या से अवगत कराया गया लेकिन दो साल से आश्वासन ही मिल रहा है। दिवाली पर्व के पहले तीन किमी तक गड्ढे मिट्टी व गिट्टी डालकर पाट दिए गए थे। जो अब उखड़ गए हैं। रिवई गांव निवासी जितेंद्र त्रिपाठी, साकेत त्रिपाठी आदि ने बताया की जर्जर सड़क बड़ी समस्या है। उखड़ी सड़क पर बड़े हादसे की आशंका है।
वर्जन
रिवई-कबरई संपूर्ण सड़क के पुनर्निर्माण का प्राक्कलन वित्तीय स्वीकृति को गया है। बजट मिलने पर कार्य शुरू होगा। आवागमन सुविधा के लिए एक माह पहले रिवई से काकुन तक के गड्ढे दुरुस्त कराए गए हैं।
जमाल अहमद, अधिशासी अभियंता