कुलपहाड़ (महोबा)। उम्र प्रतिभा की मोहताज नहीं होती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है कस्बा कुलपहाड़ की आठ वर्षीय नव्या अग्रवाल ने।
पांच वर्ष की उम्र से कविताएं व कहानियां लिख रही नव्या अग्रवाल की तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदी के साथ नृत्य कला, योगासन और गायन में भी नव्या को दक्षता प्राप्त है। वह इस छोटी सी उम्र में करीब 120 आसन कर लेती है। नव्या की मां दीपिका कन्या कंपोजिट विद्यालय महोबकंठ में अध्यापिका है। मां बताती हैं कि बेटी के कहानी संग्रह मोती और बाल गुंजन छपकर आ चुके हैं। 51 कविताओं का संग्रह नवतरंग भी छप चुका है। काफी पसंद किया जा रहा है। नव्या चौथी पुस्तक लिख रहीं हैं।