महोबा। जायद फसल के दौरान बुंदेलखंड की धरती पर हरी सब्जी की खेती का दायरा बढ़ेगा। इसमें सबसे ज्यादा महोबा जिले में सब्जी की पैदावार होगी। शासन स्तर से जायद फसल के आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इसके साथ ही हरे चारे की पैदावार भी किए जाने पर जोर दिया गया है।
कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने जायद फसल के आच्छादन व पैदावार को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। दलहनी और तिलहनी फसलों की पैदावार को बढ़ाने के लिए जायद कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर शासन का जोर है। इसके लिए प्रत्येक स्तर पर सघन अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाएगा। जिला स्तर पर उप कृषि निदेशक व मंडलीय कृषि संयुक्त कृषि निदेशक समय-समय पर निरीक्षण करेंगे। जायद सीजन के दौरान फसल के प्रदर्शन में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।
शासन के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने जायद सीजन के दौरान लक्ष्यानुरूप आच्छादन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। जिला स्तर पर जिलाधिकारी सभी जिला स्तरीय अधिकारी, बीडीओ, उप संभागीय कृषि प्रसाद अधिकारी, प्राविधिक सहायकों, बीटीएम व एटीएम की बैठक कर जयद अभियान को सफल बनाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों व कृषि निवेशों की आपूर्ति की व्यवस्था करेंगे।
पशुओं के लिए गर्मियों में हरे चारे की कमी रहती है। इससे उनके स्वास्थ्य एवं दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ग्रीष्म ऋतु में खेती खाली रहने के कारण पौष्टिक हरे चारे की पैदावार के लिए भूमि की समस्या नहीं रहती लेकिन सिंचाई की सुविधा होना आवश्यक है। कृषि जानकारों का कहना है कि नैपियन घास एवं गिनी घास की रोपाई करके तीन-चार वर्षों तक लगातार एक ही भूमि से हरा चारा प्राप्त किया जाता है। जिले में हरे चारे के आच्छादन को लेकर लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है।
हमीरपुर जिले में 63 हेक्टेयर में मूंग, 2555 हेक्टेयर में सब्जी, 60 हेक्टेयर में हरे चारे की पैदावार होगी। महोबा जिले में 4880 हेक्टेयर मेंं सब्जी, 60 हेक्टेयर में हरे चारे और बांदा जिले में 97 हेक्टेयर में मूंग, 1030 हेक्टेयर में सब्जी व 160 हेक्टेयर में हरा चारा उगाया जाएगा। चित्रकूट जिले में 15 हेक्टेयर में मक्का, 733 हेक्टेयर में सब्जी व 60 हेक्टेयर में हरे चारे की पैदावार होगी।