महोबा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रसूताओं को अब अल्ट्रासाउंड के लिए जांच की फीस नहीं देनी पड़ेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जिन महिलाओं के लिए चिकित्सक अल्ट्रासाउंड की सलाह देंगे, उनके मोबाइल नंबर को दर्ज किया जाएगा। इससे एक ओटीपी गर्भवती महिला के मोबाइल पर पहुंच जाएगी। इसके जरिए महिला किसी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर अल्ट्रासाउंड करा सकती है। इसका पूरा भुगतान सरकार द्वारा अल्ट्रासाउंड संचालक के खाते में भेज दिया जाएगा।
जिले में जिला पुरुष व महिला अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड की निशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। दोनों में एक ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होने से तीन-तीन दिन दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को मजबूरी में निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जाकर अपनी जांच करानी पड़ती है। जिसके लिए उन्हें 500 से 600 रुपये अदा करने पड़े हैं।
सरकार ने प्रसूताओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत लाभ देने की योजना बनाई है। इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस महीने की एक, नौ, 16 व 24 तारीख को आयोजित किया जाता है।
इसमें जिन गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होगी, उन महिलाओं का मोबाइल नंबर इस योजना के तहत संचालित पोर्टल पर चिकित्सक द्वारा अपलोड किया जाएगा। जिससे गर्भवती महिला के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। इसको दिखाकर वह किसी भी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर निशुल्क जांच करा सकती हैं। ओटीपी की वैधता एक माह होती है। एक माह के अंदर कभी भी गर्भवती अपना अल्ट्रासाउंड करा सकती है।
इस योजना के तहत अल्ट्रासाउंड सेंटरों को सरकारी शुल्क के हिसाब से सिर्फ 300 रुपये ही मिलते है जबकि वह मरीजों से 500 से 600 रुपये वसूल करते हैं। यही वजह है कि जिले के किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर इस योजना के तहत निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा का बोर्ड नहीं लगा है। (संवाद)