महोबा। जिले में तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मंगलवार को उल्टी-दस्त से ग्रसित एक किशोरी की मौत हो गई। वहीं, 24 घंटे के अंदर डायरिया और बुखार से पीड़ित 20 मरीजों को वार्डों में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
सुबह आठ बजे अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। पर्चा बनवाने, दवाएं लेने व कक्षों में डॉक्टरों को दिखवाने के लिए मरीज व तीमारदारों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को 1000 मरीज जिला अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे। काेतवाली चरखारी के सालट गांव निवासी प्रियंका (17) की सोमवार की रात अचानक हालत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के चचेरे भाई नरेंद्र ने बताया कि शाम तक वह खेत पर काम करती रही। तब वह ठीक थी। देर रात को उल्टी-दस्त होने पर जिला अस्पताल लाने लगे लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। उधर, उल्टी-दस्त, बुखार व पेटदर्द से ग्रसित नवल, अंजलि, मानवेंद्र, ताजबानो, कस्तूरी, अभिषेक, हनीफ, सोएब, राहुल, शिवानी, प्रांशी, सुनील, दामिनी, ओमवती, अहान, नीलम, सावित्री, श्यामस्वरूप, रोली व प्रियांशी को वार्डाें में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। सीएमएस डॉ. पवन कुमार अग्रवाल ने लोगों को खानपान में एहतियात बरतने की सलाह ही है।