महोबा। उप कारागार में निरुद्ध बंदियों को स्वावलंबी बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण शुक्रवार से शुरू हो गया है। पहले दिन बंदियों को शासन की कौशल विकास योजना की जानकारी दी गई। बताया कि सफल प्रशिक्षण हासिल करने वाले बंदी जेल से छूटने के बाद खुद का काम शुरू कर सकते हैं। विभाग उनकी हर संभव मदद करेगा।
कौशल विकास योजना के तहत उप कारागार में निरुद्ध 25 बंदियों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। प्रशिक्षण का शुभारंभ उपायुक्त उद्योग व कौशल विकास के जिला समन्वयक महेश चंद्र सरोज और जेलर शिवमूरत सिंह ने किया। प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी शोभा फाउंडेशन संस्था को सौंपी गई है। मास्टर ट्रेनर निर्भय सिंह ने प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की जानकारी दी। बताया कि इस प्रशिक्षण में पंखे, कूलर, मोटर भरने आदि का काम सिखाया जाएगा। कौशल विकास के जिला एमआईएस मैनेजर ओमप्रकाश यादव ने बताया कि प्रशिक्षण चार माह तक चलेगा। प्रशिक्षण के बाद परीक्षा कराई जाएगी। मूल्यांकन में पास होने वाले प्रशिक्षुओं को कौशल विकास की ओर से प्रमाण पत्र मुहैया कराए जाएंगे। यदि किसी प्रशिक्षु की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो उन्हें बैंक से ऋण भी दिलाया जाएगा।