लॉकडाउन का असर शादी विवाह के साथ मृत्यु के बाद होने वाले कर्मकांडों पर भी पड़ रहा है। सादा तरीके से कर्मकांड का निर्वहन कर रहे हैं।
शादी विवाह के सीजन में लॉकडाउन का असर दिख रहा है। धूमधाम के बजाय सादगी के साथ शादियां संपन्न कराई जा रही है।
लॉकडाउन के चलते कर्मकांड भी सीमित तरीके से किए जा रहे हैं। ग्राम सुगिरा की पुनिया कुशवाहा का ब्रेन हेमरेज के चलते निधन हो गया था।
इसी गांव के ढल्लु रैकवार का भी लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। दोनों की तेरहवीं सोमवार को थी लेकिन लॉकडाउन के चलते 11 लोगों को बुलाकर उनको खाना खिलाया गया।
यातायात सेवा बंद होने से दोनों मृतकों की अस्थियां भी अभी तक संगम में विसर्जन नहीं हो सकी। यह कर्मकांड भी ठप पडा है।