श्रीनगर (महोबा)। मध्य प्रदेश की सीमा पर बने उर्मिल बांध में इस बार 21 दिन नहरों में छोड़ा जाएगा। 20 गांवों के किसानों को इसका लाभ मिलेगा। सिंचाई विभाग ने एक दिसंबर से नहरे खोलने का खाका तैयार कर लिया है।
बांध से 40 फीसदी पानी महोबा और 60 फीसदी मध्य प्रदेश के छतरपुर को दिया जाएगा। अपने हिस्से के पानी से सिंचाई विभाग ने नहरें खोलने का निर्णय लिया है।
एक दिसंबर से शमशेरा, फुटेरा, इमिलिया, अतरारमाफ, कैैमाहा, बड़ी टपरियन, छोटी टपरियन, ढिकवाहा, ज्योरइया, डिगरिया, सिजरिया, सिजवाहा, मवई, भंडरा समेत 20 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा।
पिछले साल बांध में पानी की कमी के कारण नहरें नहीं खोली जा सकी थीं। सिंचाई विभाग के एसडीओ राजेश वाजपेेयी का कहना है कि इस बार बांध में पर्याप्त पानी है। जिससे नहरों में पानी छोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एक दिसंबर से तीन सप्ताह तक नहरें चलाई जाएंगी।