मृतक आशाराम विश्वकर्मा की फाइल फोटो।
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चरखारी (महोबा)। तहसील चरखारी के नौसारा गांव में उड़द-तिल की फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने खेत में ही जहर खाकर जान दे दी। सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
नौसारा निवासी वंशगोपाल विश्वकर्मा का पुत्र आशाराम (45) तीन बीघा भूमि में खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। इस बार उसने खरीफ फसल में उड़द और तिल की बुआई की थी। पहले बारिश न होने से बुआई में देरी हुई और अब लगातार बारिश से फसल बर्बाद हो गई। गुरुवार शाम आशाराम कीटनाशक दवा का फसलों में छिड़काव करने की बात कहकर घर से निकला था। खेत पहुंचने पर उसने कीटनाशक दवा खा ली। जिससे वह अचेत होकर गिर गया।
देर रात तक किसान के न लौटने पर पुत्र विनय कुमार और पुत्री वंदना खेत पहुंचे तो उन्हें आशाराम मृत अवस्था में पड़ा मिला। पत्नी ऊषादेवी ने बताया कि पति खेती के साथ मजदूरी भी कर लेते थे। जवान बेटी वंदना की शादी की चिंता सता रही थी। दो दिन से लगातार बारिश होने से फसल खराब हो गई। जिससे वह परेशान थे। एसडीएम चरखारी स्वेता पांडेय का कहना है उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। राजस्वकर्मियों को भेजकर जांच कराई जाएगी।