महोबा। शहर के ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सभागार में मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें ब्रह्मकुमारी सुधा ने कहा कि आज समाज के हर क्षेत्र में नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है। भले ही कोई धन और साधनों से संपन्न है लेकिन चरित्र रूपी धन उसके पास नहीं है। न व्यापार में सदाचार है और न राजनीति में कोई सिद्धांत है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ राजयोगी श्रीप्रकाश ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व में अद्वितीय है। विदेशी सभ्यता की नकल में युवा अपनी संस्कृति को भूलकर बुराइयों के मार्ग पर चल रहे हैं। युवाओं को सद्मार्ग पर चलना होगा, तभी एक बार फिर देश विश्वगुरु बन सकेगा। मानव को अपने उद्देश्यों को लेकर सजग रहना चाहिए।
ब्रह्मकुमारी जयंती ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर कार्यक्रम के तहत देश में समाज के सभी वर्गों में आध्यात्मिक एवं नैतिक जागृति लाने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर साहित्य के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।