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महोबा: सफाईकर्मी ने कलक्ट्रेट परिसर में जहर खाया, तीन माह से नहीं मिला वेतन, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

Fri, 16 Jul 2021 03:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पंचायत चुनाव के दौरान कलक्ट्रेट में संबद्ध किया गया था। कर्मचारी का आरोप है कि तीन माह से वेतन न मिलने से उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
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जिला अस्पताल में चल रहा सफाईकर्मी का इलाज व इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों से बातचीत करते अतिरिक्त एसडीएम - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के महोबा में तीन माह से वेतन न मिलने से नाराज सफाईकर्मी ने कलक्ट्रेट परिसर में जहर खा लिया। हालत बिगड़ती देख अतिरिक्त एसडीएम सौरभ पांडेय उसे अपने वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सफाईकर्मी ने अफसरों पर मांगने के बाद भी वेतन न देने का आरोप लगाया है।
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शहर के सुभाष नगर निवासी भूषण कुमार (47) जिला पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मचारी है। उसकी तैनाती जैतपुर ब्लॉक के रजपुरा गांव में है। उसे पंचायत चुनाव के दौरान कलक्ट्रेट में संबद्ध किया गया था। कर्मचारी का आरोप है कि तीन माह से वेतन न मिलने से उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
 
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शुक्रवार को भूषण डूडा कार्यालय के बाहर बैठा था। तभी उसने जहर खा लिया। कर्मचारी के पुत्र रूपेंद्र व मयंक ने बताया कि पिता ने एक वर्ष पहले पंजाब नेशनल बैंक से 15 लाख रुपये का होम लोन लिया था। इसकी 20 हजार रुपये किस्त हर माह अदा करनी पड़ती है।

तीन माह से वेतन न मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई और किस्त की अदायगी भी नहीं हो सकी। जिससे परेशान होकर पिता ने यह कदम उठाया। भूषण की चार पुत्रियां रोशनी, रश्मि, रिंकी व रौनक हैं। तीन बेटियों की शादी वह कर चुका है, जबकि सबसे छोटी बेटी रौनक की शादी के लिए रिश्ता देखा जा रहा है। कलक्ट्रेट के अन्य कर्मचारियों ने बताया कि भूषण सुबह से ही वेतन न मिलने पर जहर खाने की बात कह रहा था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उसने डूडा कार्यालय के बाहर ही जहर खा लिया। 

कर्मचारी भूषण की मूलरूप से रजपुरा गांव में तैनाती है। दो माह से कर्मचारी गांव नहीं गया। पेरोल न आने के चलते वेतन नहीं बन सका। कर्मचारियों को अपने मूल स्थान जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कुछ कर्मचारी जानबूझकर मूल तैनाती स्थल नहीं जाना चाहते हैं।
संतोष कुमार डीपीआरओ, महोबा
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