फोटो 09 एमएएचपी 01 परिचय-भागवत कथा का रसपान कराते आचार्य अतुल कृष्ण भारद्वाज। संवाद
चरखारी (महोबा)। कस्बा चरखारी के राजगुरु निवास में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कृष्ण-सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गरीबी व दरिद्रता में अंतर है। सुदामा गरीब थे, लेकिन उन्होंने कभी स्वाभिमान नहीं छोड़ा और न ही भीख मांगी। उन्होंने बताया कि सुदामा पूजा-पाठ व कथा से मिलने वाली सामग्री को भगवान की कृपा मानकर संतोष करते थे। जब वह श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे तो भगवान ने सुदामा को अपने सिंहासन पर बैठाया और स्वयं उनके चरणों में बैठकर भावुक हो गए। कथा व्यास ने कहा कि सुदामा चरित्र सिखाता है कि सच्ची मित्रता में धन-दौलत नहीं बल्कि प्रेम व सम्मान मायने रखते हैं। (संवाद)