मालूम हो कि पूर्ति विभाग ने राशन फीडिंग 20 रुपये में निर्धारित की है। जबकि कैफे संचालक एक राशन कार्ड की फीडिंग पर 50 रुपये वसूल रहे हैं। इससे कैफे संचालकों की चांदी कट रही है। वहीं गरीब से गरीब कार्ड धारक मजबूरन कैफों में 50 रुपये देकर फीडिंग करा रहे हैं। गांव औैर शहर में राशन कार्ड फीडिंग का कार्य कंप्यूटर से कराए जाने के कारण शहर के अलावा गांव - गांव में लोगों ने कंप्यूटर रखकर फीडिंग का कार्य शुरू कर दिया है। पूर्ति विभाग ने राशन कार्ड फीडिंग का कार्य टेंडर के जरिए एक कंप्यूटर संचालक को सौंपा था। जिसने कई माह तक राशन कार्डों को फीड कराया। लेकिन समय-समय पर शासन से नए दिशा निर्देश मिलने के कारण पूर्व में फीड कराए गए राशन कार्ड बेकार हो गए। जिससे राशन कार्ड फीडिंग के ठेकेदार को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद विभाग ने भी दिन रात कर्मचारियाें को लगाकर फीडिंग का कार्य कराया। लेकिन कार्य पूरा न होने पर विभाग ने शेष लोगों को कैफे से फीडिंग कराने का आदेश दिया। जिससे लोगों की दिन रात भीड़ लगी रहती है। जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश कुमार गुप्ता का कहना है कि निर्धारित फीस से ज्यादा पैसा लेने की उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलती है तो कार्रवाई कराई जाएगी।