कुलपहाड़ (महोबा)। कस्बा कुलपहाड़ में चल रहे जलविहार मेले की चौथी शाम आल्हा गायन और बुंदेली लोकगीतों के नाम रही।
नवरस म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने वीर रस में आल्हा गायन सुनाकर बुंदेलों में जोश भरा। ऐसी माटी न भारत के खंड-खंड में, जनम दइयो विधाता बुंदेलखंड में... गीत के माध्यम से कलाकारों ने बुंदेलखंड की गौरवगाथा का बखान किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने फीता काटकर किया। ग्रुप के जितेंद्र चौरसिया, शरद अनुरागी, अमन सोनी, राहुल अनुरागी, सुमेंद्र, पवन सेन, अनुराग, राधारमण ने सामूहिक आल्हा गायन पेश किया।
उन्होंने आल्हा-ऊदल की 52 गढ़ की लड़ाइयों का गायन के माध्यम से बखान किया। इसके बाद बुंदेली गीत दार बगर गई दोना काए न लाए सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इस मौके पर डॉ. कमलेश सक्सेना, चेयरमैन वैभव अरजरिया, राजा यादव, प्रवीण सुल्लेरे, महेंद्र यादव, बृजमोहन नायक आदि मौजूद रहे।