पनवाड़ी (महोबा)। जनपद को भले ही खुले में शौच से मुक्ति ( ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। आधे अधूरे शौचालयों केे बनाए जाने से ग्रामीण आज भी खेतों की तरफ दौड़ लगाते हैं। कई गांव ऐसे भी जहां शौचालयों को पूरा नहीं किया गया है जिससे ग्रामीणों नेे उनमें उपले, लकड़ी रख लिया। कहीं छत गायब है तो कही सीट ही नहीं हैं। पानी की टंकी तो बनाई ही नहीं गई है। पनवाड़ी निवासी हरिचन्द्र ने बताया के मेरे परिवार की महिलाएं,बच्चे, सब खुले में शौच के लिए जाते हैं।ग्राम टपरन में ग्रामीण शौचालयो में उपले(कंडे) लकड़ियां,अन्य सामग्री रखे हुए है। पनवाड़ी के हरिचन्द्र, मनप्यारे,धुराम सहित सैकड़ो ग्रामीण शौचालय से वंचित है। जिससेे उन्हे खुले में शौच के लिए मजबूर होकर जाना पड़ता है। एडीओ पंचायत दयाशंकर जायसवाल ने बताया पनवाड़ी ब्लॉक पहले ही ओडीएफ घोषित हो चुका हैं। ग्राम पंचायतों में सामुदायकि शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है। (संवाद)