महोबा/श्रीनगर। साधन सहकारी समिति के सभापति व उपसभापति का चुनाव रविवार को हुआ। अधिकांश सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। कुछ स्थानों पर सभापति व उपसभापति के लिए वोट डाले गए। खरेला में दो गुटों में टकराव की नौबत होने पर पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर मामला शांत कराया। जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशियों व उनके समर्थकों में जश्न का माहौल रहा।
साधन सहकारी समिति श्रीनगर से सभापति पद पर वीरेंद्र मिश्रा व उपसभापति पद पर खुशबू तिवारी निर्विरोध निर्वाचित हुए। भंडरा में सभापति पद पर रामकरण मिश्रा व उपसभापति पर थान सिंह राजपूत निर्विरोध चुने गए। कुलपहाड़ संवाद के अनुसार साधन सहकारी समिति कुलपहाड़ में धर्मेंद्र सिंह सभापति और अनिल अरजरिया उपसभापति चुने गए। इफको डेलीगेट के लिए आनंद द्विवेदी, पीसीएफ के लिए भूपेंद्र कुमार डेलीगेट चुने गए।
हमीरपुर जिला सहकारी बैंक के लिए चतुरसेन, मनोज कुमार, रामसनेही, राकेश कुमार, बृजेंद्र व सुंदर सिंह, सहकारी उपभोक्ता भंडार के लिए पुष्पेंद्र पटेरिया और प्रमोद कुमार, सहकारी संघ के लिए दयाराम, अरुण रावत, प्रभुदयाल पाल सिंह, बंशीधर, मूलचंद, रजनी, सुनील कुमार और रामचरण निर्विरोध डेलीगेट चुने गए। क्रय विक्रय चरखारी के लिए बलराम पटेरिया, अभिलाष कुमार, खेत सिंह, गौरीशंकर व डीसीडीएफ के लिए कामता प्रसाद और नंदकिशोर निर्विरोध चुने गए।
उपाध्यक्ष पद पर आलोक नगरिया निर्विरोध चुने गए। बुधवारा समिति में अध्यक्ष पद पर पवन राजपूत ने सुरेंद्र द्विवेदी को चार वोटों से हराया। उपाध्यक्ष पद पर आशुतोष तिवारी निर्विरोध चुने गए। कबरई संवाद के अनुसार सहकारी समिति धरौन में अध्यक्ष पद पर रामराज सिंह व उपाध्यक्ष पद पर भरत कुमार निर्विरोध चुने गए।
चरखारी संवाद के अनुसार धनुष धारी साधन सहकारी समिति से सभापति ओमप्रकाश सिंह सेंगर, उपसभापति राधाचरण, सहकारी संघ के लिए लाल दीवान, कालीचरण दीक्षित कृष्ण गोपाल थापक, मनोज कुमार, सुरेंद्र पाल, मुहम्मद शफीक निर्वाचित हुए।
खरेला संवाद के अनुसार साधन सहकारी समिति खरेला में सभापति पद में मिथलेश कुमारी और उप सभापति राममिलन यादव निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए। यहां दो गुटों में वोट डालने को लेकर तनाव पैदा हो गया। प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। समर्थकों के बीच टकराव की नौबत देखते हुए थाना प्रभारी यज्ञ नारायण भार्गव ने अतिरिक्त पुलिस बुलाया और भीड़ को खदेड़ा। सूचना पर सीओ चरखारी अजय अग्रवाल भी पहुंच गए। नामांकन समय बीतने के बाद सभापति का एक पर्चा मिथलेश कुमारी का दाखिल हुआ। उन्हें निर्विरोध चुना गया।