महोबा। जिले के 20 से अधिक परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवन नौनिहालों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। हालत यह है कि बारिश होते ही विद्यालयों में छुट्टी की घंटी बज जाती है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
ब्लॉक जैतपुर की ग्राम पंचायत इंदौरा के रतिया का खुड़े गांव में संचालित प्राथमिक विद्यालय की हालत बेहद जर्जर है। छतों से मलबा गिरता है और चटकी दीवारों से हमेशा खतरा बना रहता है। यहां एक ही कक्ष में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जाता है। प्रधानाध्यापक मोहम्मद परवेज ने बताया कि विद्यालय की चहारदिवारी सालों से टूटी है। भवन जर्जर है, नए भवन के लिए कई बार लिखापढ़ी की गई। विद्यालय में मवेशी घुस आते हैं। जिससे पढ़ाई में व्यवधान होता है। शौचालय की हालत भी जर्जर है।
कुछ ऐसा ही हाल ब्लॉक कबरई के प्राथमिक विद्यालय कौहारी का है। विद्यालय भवन की छतों का प्लास्टर गिर रहा है। किसी भी समय जर्जर भवन के ध्वस्त होने की आशंका के बीच विद्यालय परिसर में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण कर रहे। यहां बारिश शुरू होते ही छुट्टी की घंटी बजा दी जाती है। इस विद्यालय में छात्र संख्या 155 हैं। प्रधानाध्यापक जितेंद्र सिंह ने बताया कि कई बार सार्वजनिक बैठक बुलाई गई व उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर नवीन निर्माण की मांग की गई। किसी तरह बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।
जर्जर विद्यालय भवनों के कायाकल्प के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सांसद व विधायक से भी विद्यालयों के कायाकल्प की मदद ली जाएगी। जो भवन जर्जर हैं, उन्हें तोड़कर नया बनाया जाएगा। जिन भवनों में मरम्मत की जरूरत है, वहां काम कराया जाएगा।
- अजय कुमार मिश्रा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी