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महोबाः लखनऊ के डॉक्टरों की डिग्री पर चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्र

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महोबा। जिले में 14 अल्ट्रासाउंड केंद्र अधूरे मानकों पर चल रहे हैं। जिसमें अधिकांश लखनऊ के चिकित्सकों की डिग्री लगाकर बिना रेडियोलॉजिस्ट के लैब टेक्नीशियन धड़ल्ले से जांचें कर रहे हैं। इन केंद्रों की अस्पताल के डॉक्टरों से साठगांठ के चलते संबंधित केंद्र से ही मरीज को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाती है।
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जिले में संचालित कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों में पीसीपीएनडीटी एक्ट का पालन नहीं हो रहा है। केंद्रों में मरीज के अल्ट्रासाउंड के दौरान रेडियोलॉजिस्ट का होना अनिवार्य है लेकिन एक भी केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं हैं। लखनऊ जैसे महानगरों के डॉक्टरों की डिग्री लगाकर बेरोकटोक अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। कई ऐसे केंद्र हैं, जिनकी साठगांठ सीधे डॉक्टरों से है। नियम के अनुसार अल्ट्रासाउंड के लिए आने-वाले लोगों का पूरा ब्योरा व हस्ताक्षर निर्धारित प्रारूप पर अंकित करने के निर्देश हैं लेकिन अधिकांश केंद्रों में इसका पालन नहीं हो रहा है। अलग-अलग केंद्रों में जांच कराने पर रिपोर्ट भी एक जैसी नहीं आ रही है। जिसकी कई शिकायतें विभागीय उच्चाधिकारियों से की जा चुकी हैं।
जिला महिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन चिकित्सक के अभाव में धूल फांक रही है। कुछ ऐसा ही हाल जिला अस्पताल का है। यहां सप्ताह में महज तीन दिन ही दो-दो घंटे अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मरीजों को मिल रही है। ऐसे में मरीज निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का सहारा लेने को मजबूर हैं। डॉक्टरों व कर्मचारियों की साठगांठ से संचालित निजी केंद्र मरीजों से मनमाना पैसा वसूल रहे हैं।
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अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से मजबूरन निजी केंद्र का सहारा लेना पड़ा। आठ माह के अंदर तीन बार डॉक्टर ने बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा। वह तीसरी बार निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र से जांच करा रहीं हैं। जांच की कोई गारंटी भी नहीं रहती है। -रोशनी।
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। वह इलाज के लिए अल्ट्रासाउंड कराने आईं थीं। डॉक्टर ने बाहर से जांच कराने को लिखा। केंद्र में अल्ट्रासाउंड के नाम पर 600 रुपये लिए गए। केंद्र में जांच कराने के कोई नियम नहीं है। -आसमा खातून।
अल्ट्रासाउंड केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट का होना अनिवार्य है। मरीज व तीमारदार से अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 10 अगस्त से अल्ट्रासाउंड केंद्रों की टीम जांच करेगी। जिन निजी सेंटरों पर डॉक्टर के बजाय फॉर्मासिस्ट अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं। ऐसे केंद्रों को चिंहित कर कार्रवाई की जाएगी। मानक के विपरीत केंद्र संचालित मिलने पर सीज किए जाएंगे।
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-डॉ. धनेश कुमार गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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