महोबा। शहर की सीमा के निकट स्थित सिजहरी मौजे में राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह का निर्माण कराया जाएगा। इसको लेकर भूमि चयन कर काम पूरा हो गया है। साथ ही कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। करीब 8,495 वर्ग फीट में प्रस्तावित बाल संप्रेक्षण गृह के निर्माण को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है। यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो शासन की ओर से हरी झंडी मिलते ही निर्माण काम शुरू कराया जाएगा।
जिले में फिलहाल बाल संप्रेक्षण गृह की सुविधा नहीं हैं। ऐसे में जिले के बाल अपचारी चित्रकूट में स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में भेजे जाते हैं। इस समय महोबा जिले के पांच बाल अपचारी राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह चित्रकूट में हैं। महोबा जिले में ही राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह के निर्माण को लेकर शासन की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके चलते बाल संप्रेक्षण गृह के निर्माण को लेकर भूमि की तलाश शुरू की गई थी। काफी प्रयास के बाद सिजहरी मौजे में पर्याप्त भूमि मिली है। अधिकारियों ने भूमि का मौका-मुआयना किया।
सिजहरी मौजे में मिली भूमि का राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह के निर्माण के लिए चयन किया गया है। साथ ही मृदा परीक्षण की प्रक्रिया भी पूरी करा ली गई है। निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था के तौर पर यूपीपीसीएल को नामित किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से हरी झंडी मिलने पर कार्यदायी संस्था महोबा जिले में राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह के निर्माण का काम शुरू करेगी। प्रस्तावित बाल संप्रेक्षण गृह 25 बाल अपचारी की क्षमता के हिसाब से तैयार किया जाएगा। जिसमें बाल संप्रेक्षण गृह की सभी सुविधाएं रहेंगी।
प्रस्तावित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) के निर्माण के दौरान दो शयनशाला (डोरमेटरी), रोगी कक्ष व प्राथमिक उपचार कक्ष, भोजन कक्ष, भंडारगृह, मनोरंजन कक्ष, पुस्तकालय, स्नानागार, आठ सीटर शौचालय, कार्यालय कक्ष, प्रभारी आवास, किशोर न्याय बोर्ड अथवा बाल कल्याण समिति के लिए दो कक्ष व खेल का मैदान तैयार कराया जाएगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी हर्षवर्द्धन नायक का कहना है कि राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह के निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। सिजहरी मौजे में बाल संप्रेक्षण गृह का निर्माण कराया जाएगा।