महोबा। बालिका से छेड़छाड़ व पशुबाड़े में बंधक बनाकर मारपीट करने के तीन साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी को पांच वर्ष के कारावास और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कोतवाली चरखारी के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को दी तहरीर देकर बताया था कि 27 मई 2020 को वह अपनी पत्नी और बड़े पुत्र के साथ ईंट-भट्ठा में काम करने के लिए जनपद जौनपुर गया था। उसका छोटा पुत्र व 11 वर्षीय पुत्री घर पर थे। बालिका रात करीब आठ बजे घर का ताला लगाकर चाचा के घर जा रही थी। तभी गांव के रामू ने उसे पकड़कर छेड़खानी की और पड़ोसी के पशुबाड़े में ले गया। वहां रस्सी से हाथ-पैर बांधकर मारपीट की। शोर सुनकर लोगों को आता देख आरोपी भाग निकला। घर लौटे पिता ने रामू के खिलाफ छेड़खानी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष जज पॉक्सो एक्ट) कु. अलका चौधरी की कोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि अभियुक्त रामू को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।