महोबा। आत्महत्या के लिए उकसाने के दो वर्ष पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया। दोषसिद्घ होने पर पांच दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास होगी।
कोतवाली कुलपहाड़ के मोहल्ला कठवरिया निवासी मनोज अहिरवार की 17 अक्तूबर 2020 को मोहल्ले के ही कुछ लोगों ने पिटाई कर दी थी। इसी बात से आहत होकर 18 अक्तूबर को उसने आत्महत्या कर ली थी। शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। पिता वृंदावन अहिरवार की तहरीर पर पुलिस ने सोहन, जीतेंद्र, भज्जू, सुखलाल और हरि के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
अपर सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार पालीवाल ने फैसला सुनाया। पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह ने बताया कि दोषसिद्घ होने पर सोहन, जीतेंद्र, भज्जू, सुखलाल व हरि को सजा सुनाई गई है।