महोबा। विकासखंड चरखारी के बम्हौरीकलां गांव में ग्राम समाज की भूमि पर सरकारी लाभ लेकर तीन लोगों ने खेत-तालाब खोदवा लिए। न्यायालय ने सरकारी भूमि से कब्जा बेदखल करते 1,60,776 रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं। करीब दो माह का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन कब्जा नहीं हटवा सका।
प्रदेश सरकार एंटी भूमाफिया अभियान चलाकर सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटवा रही है लेकिन प्रशासनिक अधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद भी कब्जा हटवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बम्हैारीकलां का उजागर हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग ने एक साल पहले जांच की थी। जांच में चरागाह के लिए आरक्षित भूमि पर देवी सिंह, सुधीर सिंह व केशरी सिंह का कब्जा पाया गया था। तीनों लोगों ने भूमि संरक्षण विभाग से अलग-अलग कब्जे की भूमि में खेत-तालाब खोदवा लिए और सरकारी लाभ ले लिया। राजस्व विभाग ने चरागाह की भूमि पर कब्जा जमाए लोगों के खिलाफ 1,14,480 रुपये क्षतिपूर्ति और बेदखली की आरसी जारी कर दी थी।
मामला फंसता देख कब्जाधारकों ने 27 जुलाई 2022 को जारी आरसी के खिलाफ चरखारी तहसीलदार न्यायालय में याचिका दायर कर दी थी। इस मामले में न्यायालय ने 21 जुलाई 2023 को चरागाह की जमीन से अवैध कब्जा हटाने और 1,60,776 रुपये क्षतिपूर्ति व दस हजार रुपये निष्पादन व्यय वसूली के आदेश दिए थे। करीब दो माह बीतने के बाद भी सरकारी जमीनों पर सरकारी योजना के धन से लाभ लेने वालों का कब्जा नहीं हटाया जा सका। उधर, एसडीएम चरखारी डॉ. प्रदीप कुमार का कहना है कि चरागाह की आरक्षित भूमि पर खेत-तालाब खोदवाकर सरकारी योजना का लाभ लेने के मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आते ही जमीन से बेदखली और न्यायालय के आदेश के अनुसार नुकसान की वसूली हर हाल में की जाएगी। सरकारी जमीनों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं करेंगे।