किसानों को पारंपरिक बीजों व जैविक कृषि पद्घति से कराया रूबरू
- राष्ट्रीय बीज महोत्सव के पहले दिन देश से आए 500 किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। इंडो ग्लोबल सोशल सर्विस सोसायटी नई दिल्ली के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय बीज एवं खाद्य महोत्सव गुरुवार से शुरू हुआ। पहले दिन देश के विभिन्न प्रांतों से आए करीब 500 किसानों ने इसमें भाग लिया। इस दौरान किसानों को पारंपरिक बीजों और जैविक कृषि पद्घति से जागरुक किया गया। इसके साथ ही बुंदेलखंड में किसानों को बीज संरक्षण नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया गया।
शहर के निकट स्थित सूर्य मंदिर परिसर में पारंपरिक बीजों व फसलों के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय बीज एवं खाद्य महोत्सव के पहले दिन महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत तमाम प्रांतों के किसानों ने सहभागिता की। यह किसान अपने राज्यों के पारंपरिक बीज लेकर आए। डीएम मनोज कुमार कहा कि पूरी दुनिया में भारत सरकार की ओर से मिल्ट्स महोत्सव मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 को मिल्ट्स वर्ष के रूप में मनाए जाने का आह्वान किया है। दुनिया के 72 देशों में मनाए जा रहे इस महोत्सव की अगुवाई भारत कर रहा है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि खेती के 1/6 हिस्से में बागवानी करें। पारंपरिक एवं स्वदेशी बीजों के संरक्षण से संबंधित अनुभव व ज्ञान को किसान आपस में साझा करें। बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक बीजों, जैविक कृषि पद्धति के प्रति जागरूक करना है। इस मौके पर कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ ही इंडो ग्लोबल सोशल सर्विस सोसायटी के समन्वयक विनीत निगम, कार्यक्रम प्रेरक रिजवाना खान, रेखा यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी आदि रहे।