बेलाताल (महोबा)। कोतवाली कुलपहाड़ के खैरारी गांव में तालाब में डूबने से एक साथ चचेरे भाई-बहन की मौत की घटना ने सभी को झकझोर दिया। मासूम बच्चों के शव देख हर आंख नम हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल रहा। अधिकांश घरों में रविवार की रात चूल्हे भी नहीं जले।
खैरारी निवासी लेखराम के दो पुत्र सुरेश व माखन अपने दादा भगवानदास और दादी फूला के साथ रहते थे। पिता दिल्ली में मजदूरी करता है। दादा-दादी दोनों नातियों से अधिक प्यार करते थे। चचेरी बहन रौनक व उसका भाई अभिषेक भी परिषदीय विद्यालय में पढ़ते थे। आठ दिन पहले बच्चों का विद्यालय में दाखिला कराने के बाद परिजन दिल्ली चले गए थे। रौनक अपनी मां सुनीता के साथ गांव में रहती थी। सुरेश व रौनक खेल-खेल में तालाब पहुंच गए। जहां दोनों की डूबने से मौत हो गई।
चचेरे भाई-बहन की मौत की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। एक साथ दो बच्चों के शव देख हर किसी के रौंगते खड़े हो गए। दहाड़े मारकर रो रहे परिजनों को ग्रामीण ढांढ़स बंधाते रहे। मृतका रौनक की मां सुनीता कई बार अचेत हुई। जिसे पानी की छींटे मारकर महिलाएं होश में लाने का प्रयास करतीं रहीं।