महोबा। सावन के मौसम में जिले के उर्मिल व मझगवां बांध में भंडारण क्षमता के अनुरूप पानी एकत्रित नहीं हो सका। जिससे यह बांध पानी के संकट से जूझ रहे हैं। हालांकि बांधों में जलस्तर में कुछ इजाफा हुआ लेकिन उम्मीद के मुताबिक पानी नहीं पहुंच सका। जिससे मझगवां में आठ और उर्मिल में पूरी भंडारण क्षमता का छह फीसदी पानी ही भर सका।
यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत डाली गई पाइप के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति महोबा शहर में की जाती है। उर्मिल बांध में अभी तक पर्याप्त पानी न पहुंचने से शहरवासी भी चिंतित हैं। बारिश के मौसम को शुरू हुए एक माह से ज्यादा का समय बीत चुका है। बावजूद इसके बांध में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा। उर्मिल बांध की न्यूनतम स्तर 228.30 मीटर व अधिकतम भंडारण क्षमता 237.43 मीटर है जबकि वर्तमान में उर्मिल बांध में महज 230.10 मीटर ही पानी भंडारित हो सका। यही हाल मझगवां बांध का है। मझगवां बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 224.33 मीटर है जबकि न्यूनतम भंडारण क्षमता 217.01 मीटर है लेकिन मझगवां बांध में अभी तक 219.27 मीटर ही पानी भंडारित हो सका। हालांकि जानकारों का कहना है कि बारिश का मौसम खत्म होने में अभी काफी समय शेष है ऐसे में इन बांधों में पानी की उपलब्धता और बढ़ेगी।
जिले के बांधों में पानी की स्थिति
बांध- पानी की उपलब्धता
अर्जुन- 84.73 फीसदी
चंद्रावल- 68.24 फीसदी
कबरई- 47.62 फीसदी
मझगवां- 8.49 फीसदी
उर्मिल- 6.00 फीसदी
लहचूरा-100 फीसदी
रतौली- 27.58 फीसदी