जिला अस्पताल में गमगीन बैठे परिजन।
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पुलिस की अनसुनी से आहत एक दलित छात्रा ने जहर खाकर जान दे दी। छात्रा को दो शोहदे करीब दो माह से परेशान कर रहे थे। मोबाइल पर कॉल कर अश्लील बातें करते थे। छात्रा की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल में पुलिस के खिलाफ हंगामा काटा। बाद में पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज किया है।
शहर के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी पिंकी (20) पुत्री नंदलाल अहिरवार मां चंद्रिका महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। कॉलेज आते-जाते समय पड़ोस का ही राजू साहू व सोनू उससे छेड़खानी करते थे। मोबाइल पर भी अश्लील बातें करते थे। लोक लाज के भय से करीब एक माह तक छात्रा खामोश रही। शोहदों के हौसले बढ़ते गए। 15 फरवरी को छात्रा ने परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने 16 फरवरी को कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया। परिजनों के मुताबिक तत्कालीन कोतवाली प्रभारी जेपी यादव ने उन्हें हड़काकर भगा दिया। 18 फरवरी को दोबारा तहरीर दी। इसके बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
परिजनों ने 28 फरवरी को अपर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली के एसएचओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस ने इसके बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। कार्रवाई न होने से शोहदों के हौसले और बढ़ गए। यह पिंकी को रास्ते में छेड़छाड़ कर परेशान करने लगे। इस पर पिंकी ने 1090 वूमेन पॉवर लाइन पर शिकायत दर्ज कराई। यहां से भी कार्रवाई नहीं हुई। इस पर पिंकी ने शुक्रवार की रात करीब 10 बजे जहर खा लिया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां उसकी मौत हो गई।