अपर जिला सत्र न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने सामूहिक हत्या कांड के मामले में सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। छह लोगों पर दोष सिद्ध न होने के कारण उन्हें बरी कर दिया गया। तीन लोगों सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
अदालत ने आरेपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।बीस साल पहले थाना अजनर के गांव भगारी में 10 अक्तूबर 1997 को पुरानी रंजिश के चलते करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने एक ही परिवार के बलूराम दीक्षित, राजेंद्र दीक्षित, संतोष दीक्षित पुत्रगण जाहिर दीक्षित और रामसिया पत्नी संतोष समेत चार लोगों की धारदार हथियार और गोली मारकर हत्या कर दी थी।
घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई अशोक कुमार दीक्षित ने परसू, रामपाल, सुरेंद्र, हरी, राकेश, अमान सिंह, वीरेंद्र, रामसहाय, राजू, गुलाब, डिल्लू, फूल सिंह, राजधर, छिद्दी, मदन, मंटी के खिलाफ थाना अजनर में मुकदमा दर्ज कराया था।
सोमवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद राकेश, मंटी, रामपाल, सुरेंद्र, गुलाब, डिल्लू, फूल सिंह समेत सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि दोष सिद्ध न होने पर विजय, छिद्दी, अमान सिंह, वीरेंद्र, रामसहाय, राजू, फूल सिंह को बरी कर दिया गया।
वहीं सुनवाई के दौरान हरी, राजधर और मदन की मौत हो जाने के कारण उनका मुकदमा खत्म हो गया। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह ने की। अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।