महोबा। चार माह पहले चंबल एक्सप्रेस से दिल्ली से बिहार जा रहे यात्री की ट्रेन से गिरकर हुई मौत के मामले में बुधवार को जिला न्यायाधीश की अदालत में दरोगा समेत सात जवानों की जमानत अर्जी खारिज की गई। दस दिन पहले सीजेएम की अदालत में जवानों ने सरेंडर किया था।
बिहार के भोगरी कस्बा निवासी राहुल सिंह 23 अगस्त 2017 को ट्रेन दुघर्टनाओं के कारण वह दिल्ली से झांसी आया था। यहां से चंबल एक्सप्रेस ट्रेन से 24 अगस्त को बिहार जा रहा था। ट्रेन में सादी वर्दी में चेकिंग कर रहे सीआरपीएफ जवानों की वह मोबाइल पर वीडियो बना रहा था। इससे नाराज पुलिसकर्मियों ने मऊरानीपुर के पास उसे पीटने के बाद गेट से नीचे धक्का दे दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। उसी बोगी में यात्रा कर रहे हाईकोर्ट के अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने अगले दिन जीआरपी इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद मृतक के चाचा शत्रुंजय ने जीआरपी महोबा में सीआरपीएफ जवानों के खिलाफ जंजीर छीनने और ट्रेन से धक्का देकर युवक को गिराने का मुकदमा दर्ज कराया था।
बुधवार को जिला न्यायाधीश पीयूष चंद्र श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सीआरपीएफ की दरोगा राजकुमारी गुर्जर, आरक्षी आशा डे काटे, अर्चना सिंह, रेखा शुक्ला, पिंकी यादव, संतरात मीना और मुकेश कुमार मीना की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस मामले में टीसी फरार चल रहा है। जिसने अभी तक सरेंडर नहीं किया है।