अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी सुरेंद्र नाथ ने प्राणघातक हमला करने के मामले में दोषी को चार साल की सजा सुनाई साथ ही 5000 रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।
थाना कबरई के ग्राम छानी कला निवासी सुनील नामदेव के पशु जनवरी 2017 में सतीश सिंह के खेत में चले गए थे। जिससे दोनों का विवाद हो गया। इससे सतीश रंजिश मान बैठा। 13 फरवरी 2017 की रात को सुनील अपनी पत्नी इंदिरा के साथ घर पर सो रहा था तभी सतीश सिंह छत से सुनील के मकान में उतर आया। तभी सुनील आहट पाकर जाग गया। सतीश ने उसकी आंखों में फेविकोल डाल दिया और पास में रखी कुल्हाड़ी से उस पर कई वार किए। पति को बचाने पहुंची पत्नी इंदिरा पर भी कुल्हाड़ी से जानलेवा कर दिया। जिससे पत्नी भी खून से लथपथ होकर गिर गई। चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों के आने की आहट पाकर हमलावर फरार हो गया।
14 फरवरी 2017 को सुनील नामदेव ने छानी कला निवासी सतीश सिंह पुत्र इंद्रपाल सिंह के खिलाफ थाना कबरई में मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायाधीश ने सोमवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद सतीश सिंह को चार साल की सजा सुनाई। मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने आरोपी पर 5000 रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ेगी।