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मां और भाई के हत्यारे को उम्रकैद

Thu, 09 Feb 2017 10:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
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court shimla
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) रामकुशल ने मां और भाई की हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। शहर के मोहल्ला कस्वाथाई निवासी तुलसिया के तीन बेटों के बीच दो दिसंबर 2000 को मकान बंटवारे को लेकर विवाद हुआ। उसके दो बेटे लीला और उमाशंकर एक साथ रहे और तीसरा बेटा कमलापत व उसकी मां गेंदारानी एक तरफ।
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विवाद के बीच हुई मारपीट में कुल्हाड़ी से वार होने से गेंदारानी व कमलापत की मौत हो गई। इस मामले में तुलसिया की बेटी रामबाई ने तीन दिसंबर को दोनों भाइयों लीला व उमाशंकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि दोनों भाइयों ने मां गेंदारानी और तीसरे भाई कमलापत को बहाने से करिया पठवा के पास खेत में बुलाया और हत्या कर शव फेंक दिया। पुलिस ने चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी।


गुरुवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद लीला को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन करावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। सरकार पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता बाबूलाल यादव ने बताया कि जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि दूसरे आरोपी उमाशंकर का मामला पहले ही निस्तारण हो चुका है। लीला के फरार होने के कारण आज सजा सुनाई गई।
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