अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट गजेंद्र
कुमार ने बलात्कार के मामले में आरोपी को सात साल की सजा सुनाई। साथ ही
3000 रुपये का जुर्माना भी किया। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल
भेज दिया।
थाना श्रीनगर के ग्राम ननौरा निवासी हल्के भइया पुत्र
देवकरन ने 18 नवंबर 2010 को एक किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया।
करीब एक सप्ताह बाद उसे कबरई के पास छोड़कर फरार हो गया। घटना की रिपोर्ट
किशोरी के पिता ने श्रीनगर थाने में दर्ज कराई थी। किशोरी ने अपना बयान
कोतवाली में दर्ज कराया था।
सोमवार को न्यायाधीश ने दोनो पक्षों के
गवाह और बहस सुनने के बाद हल्के भइया पुत्र देवकरन को दोषी पाया। उन्होंने
सात साल की सजा सुनाई। साथ ही तीन हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना न
देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अपहरण के मामले
में पांच साल की सजा और दो हजार रुपये का जुर्माना। शादी के लिए जबरदस्ती
ले जाने के मामले में चार साल की सजा और दो हजार रुपये लगाया।
सभी
सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मुकदमे की पैरवी सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता
प्रमोद पालीवाल ने की। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।