महोबा। किशोरी के साथ बलात्कार के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। 18000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियुक्त पूर्व से ही जिला कारागार में बंद हैं। अदालत का फैसला सुनकर पीड़ित के परिजनों की आंखें नम हो गई।
थाना पनवाड़ी के ग्राम नगाराडॉग निवासी पिता अपनी पुत्री 16 वर्षीय बेटी के साथ 10 जनवरी 2017 को कमरे के लिए दरवाजा खरीदने पनवाड़ी जा रहा था। तभी गांव का बलवान राजपूत पुत्र मदन राजपूत पिता-पुत्री को अपने साथ बाइक में पनवाड़ी ले गया। जहां पर किशोरी के पिता ने दरवाजा खरीदा। बलवान राजपूत ने दरवाजा टेंपो में रखाकर किशोरी के पिता को टेंपो से जाने के लिए कहा और उसकी बेटी को अपने साथ बाइक से गांव ले जाने के बहाने रास्ते में कालका मंदिर के पास जंगल में ले गया। जहां किशोरी के साथ बलात्कार किया। बाद में उसे गांव के बाहर छोड़ दिया। रोती हुई किशोरी घर पहुंची और उसने अपने साथ घटी घटना की जानकारी पिता को दी। पिता ने बलवान राजपूत के खिलाफ थाना पनवाड़ी में बलात्कार और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश आर के शुक्ला ने शुक्रवार को दोनो पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद बलवान राजपूत को बलात्कार और एससी एसटी एक्ट का दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 18000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह ने की। उन्होंने बताया कि साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुुगतनी पड़ेगी।