अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी 2016 महेंद्र प्रताप यादव ने हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
थाना पनवाड़ी के ग्राम नगाराघाट निवासी बलवान सिंह का भांजा कामता प्रसाद राजपूत अपने मामा के यहां रहता था। 13 अगस्त 2007 को कामता राजपूत गांव में ही दुकान से गुटखा लेने गया था तभी पुरानी
रंजिश के चलते गांव के ही चार लोगाें ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। जिससे कामता राजपूत की घटनास्थल पर मौत हो गई। मृतक के मामा बलवान सिंह ने राजकिशोर राजपूत, खेमचंद्र राजपूत, हरगोविंद राजपूत और सुरेंद्र राजपूत के खिलाफ थाना पनवाड़ी में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षोें के गवाह और बहस सुनने के बाद खेमचंद्र, राजकिशोर और
सुरेंद्र राजपूत को हत्या का दोषी ठहराते हुए तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि हरगोविंद पर दोष सिद्ध न होने पर उसे बरी कर दिया गया। सरकार पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने तीनों आरोपियों पर 20-20 हजार का जुर्माना ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर छह छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।