एसपी आवास के बाहर प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
थाना महोबकंठ के ग्राम टपरन में ताश खेलने के दौरान शनिवार को बुजुर्गों पर पुलिस ने डंडे बरसाए थे। इस मामले में दरोगा के खिलाफ कार्रवाई न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को एसपी आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इन्हाेंने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।
थाना महोबकंठ के ग्राम टपरन में शनिवार को बुजुर्ग मंदिर के पास ताश खेल रहे थे। तभी थानाध्यक्ष चंचल यादव पुलिसकर्मियाें के साथ मौके पर पहुंचे। इन्हाेंने ताश खेल रहे बुजुर्गों से मुर्गा बनने के लिए कहा।
इससे इनकार करने पर थानाध्यक्ष और सिपाहियों ने वृद्धों पर कहर बरपा दिया। इन्होंने बुजुर्गों पर जमकर डंडे बरसाए। इसमें शिवदयाल, शीतल प्रसाद, महेंद्र सिंह यादव, रमाशंकर, और बब्बू अहिरवार सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इन्हें अस्पताल ले जाया गया था।
पुलिस की इस ज्यादती पर गांव के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। 24 घंटे बाद भी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। इन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कैंप कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।
गांव के शिवदयाल, शीतल प्रसाद, दीना, परमेश्वरीदयाल, महराज सिंह, रामशंकर, महेंद्र सिंह सहित तमाम ग्रामीणों ने एसपी हरिश्चंदर को प्रार्थना पत्र दिया। इन्हाेंने बताया कि सूखे के चलते बुजुर्गों के पास कोई काम नहीं है। यह समय व्यतीत करने के लिए ताश खेल रहे थे। थानाध्यक्ष के आदेश पर मुर्गा न बनने से इनकी डंडों से बेरहमी से पिटाई क ी गई। गांव के लोगों ने एसपी से न्याय दिलाए जाने की मांग की।