कोतवाली चरखारी के ग्राम गौरहारी पहाड़ में 27 मई को ब्लास्टिंग के दौरान चट्टान गिरने से पांच श्रमिकों की हुई मौत हो गई थी। इस मामले में फरार चल रहे दो और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके है।
गौरहारी के गौरा पत्थर खदान में 27 मई को चार श्रमिकों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि एक श्रमिक का शव 26 घंटे बाद निकाला गया था। इस मामले में खनन कार्य करा रहे तीन ठेकेदारों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि मृतक राजू के पिता की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ कोतवाली चरखारी में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने मूंगा, जाहिर व महेंद्र राजपूत को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वहीं मंगलवार की रात कोतवाली प्रभारी मधुसूदन शुक्ला गश्त पर थे, तभी अकटौहा माइनर नहर के समीप दो लोग दिखाई दिए। पुलिस ने उनका पीछा करके दबोच लिया। पकड़े गए लोग ठेकेदार युवक प्रताप उर्फ गब्बर व राजू राजपूत गौरहारी कांड के आरोपी निकले। पुलिस ने उन्हें दर्ज मुकदमे के आधार पर जेल भेजा है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि घटना में देवेंद्र, पुष्पेंद्र व कामता तिवारी फरार है उनकी तलाश में छापामारी की जा रही है।