थाना खन्ना के ग्राम ग्योड़ी में एक पशुबाड़े में 150 से अधिक जानवरों को बंद करने से हुई अन्ना पशुओं की हुई मौत के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया है। जानवरों की मौत और ग्रामीणों
को पकड़े जाने से गांव में भय का माहौल है। अन्ना जानवरों से फसल को बचाने के लिए ग्राम ग्योड़ी के किसानों ने 17 नवंबर की शाम 150 से अधिक जानवरों को वीरेंद्र यादव के पशुबाड़े में बंद कर दिया था। बाहर से गेट बंद होने और पशुबाड़ा छोटा होने से रात में पशु आपस में भिड़ गए थे। लोगाें ने
सुबह जब पशुबाड़े का दरवाजा खोला तो 24 गाय और बछड़ाें की मौत हो चुकी थी। सूचना पर डीएम एसपी सहित आला अधिकारियों ने गांव पहुंच जांच पड़ताल की थी और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। थाना खन्ना पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पशुओं को एकत्र कर पशुबाड़े में बंद करने वाले
चार लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मनभावन यादव, नंहे शुक्ला, रणविजय सिंह व श्यामसुंदर के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा है। थानाध्यक्ष खन्ना सतीषचंद्र शुक्ला का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद कार्रवाई की गई है।
दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग
शिवसेना के प्रदेश उप प्रमुख महंत रतन ब्रम्हचारी ने खन्ना थाना में शिकायती पत्र सौंपकर ग्राम ग्योड़ी में गायों की हुई मौतों के लिए दबंग किसानों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, भारतीय गौसंरक्षण संवर्धन परिषद के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल सिंह परिहार ने ग्योड़ी गांव में अन्ना जानवरों की हुई मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।