ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) में कार्यरत जेई को एंटी करप्शन टीम झांसी ने 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोच लिया। आरोपी जेई को पुलिस शहर कोतवाली लाई। जहां हाथ धुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया। आरोपी जेई के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिले में अभी तक 9 लोग रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
शहर के विकास भवन में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा कार्यालय संचालित है। एक वर्ष पहले आरईएस को जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनाने का काम मिला था। ठेकेदार नीरज मिश्रा द्वारा विकासखंड पनवाड़ी के ग्राम बैंदों में आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कराया था, जिसके भुगतान के लिए ठेकेदार कार्यालय के चक्कर लगाता रहा। विभाग में तैनात जेई लाखन सिंह द्वारा एमबी बनाने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत देने की मांग गई। ठेकेदार ने एंटी करप्शन टीम झांसी से संपर्क किया और जेई को 6 हजार रुपये शुक्रवार को और शेष रकम बाद में देने की बात कही।
शु्क्रवार की शाम ठेकेदार ने कार्यालय पहुंच जेई को 6 हजार रुपये रिश्वत दी तभी एंटी करप्शन टीम झांसी ने जेई को पैसे लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी प्रेम कुमार कांस्टेबलों के साथ आरोपी को पकड़कर कोतवाली लाए। जहां पैसे व अन्य सैंपल सील किए गए। पीड़ित ठेकेदार ने बताया कि जेई दस हजार की मांग कर रहा था। पैसे न देने पर बिल नहीं बना रहा था। जिससे काम का भुगतान नहीं हो पा रहा था। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी ने आरोपी जेई के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।