चरखारी (महोबा)। कस्बे के मोहल्ला रायनपुर में कर्ज से परेशान एक किसान ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक रिवई का एक लाख रुपये कर्ज था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना से परिजनों में कोहराम है।
थाना खरेला के ग्राम चंदौली निवासी राजेश (32) पुत्र मुरलीधर बच्चों को पढ़ाने के लिए दो सालों से चरखारी के मोहल्ला रायनपुर स्थित मकान में परिवार सहित रहता था। गुरुवार को राजेश अपनी साली की गोद भराई कार्यक्रम में ग्राम अक्ठोहा गया था। बच्चे और पत्नी रात में कार्यक्रम के बाद गांव में रुक गए और राजेश सुबह अपने घर चरखारी लौट आया। जहां पर उसने मकान के लट्ठे में फांसी का फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। दिन में 11 बजे तक दरवाजे न खुलने के कारण घर के अंदर बंधी बकरियों की मिमियाहट सुनकर पड़ोसी महिला पहुंच गई और उसने बाहर से कुंडी खटखटाई, पर दरवाजा नहीं खुला। इससे मोहल्ले के और लोग इकट्ठा हो गए।
लोगों ने चंदौली निवासी राजेश के पिता मुरलीधर को फोन पर दरवाजे न खुलने की सूचना दी। गांव से चरखारी आए पिता ने हाथ डालकर अंदर से लगी कुंडी खोली और देखा तो उसका बेटा फांसी के फंदे पर झूल रहा था। पिता गश खाकर गिर गया। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पिता का कहना है कि बेटे ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से एक लाख रुपये कर्ज लिया था। उसके पास कुल 2 बीघा जमीन है। सूखे के चलते पैदावार न होने और कर्ज से परेेशान होकर उसने यह कदम उठाया। उधर तहसीलदार परशुराम पटेल का कहना है कि लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। मृतक के परिजनों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।