महोबा। सुभाष चौकी से चंद कदम की दूरी पर कुएं में गिरे बछड़े को देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और पालिका कर्मियों को सूचना दी गई लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। तब तीन युवा कुएं में कूद पड़े और बछड़े को जिंदा बचा लिया। बाद में रस्सी के सहारे सभी को कुएं से बाहर निकाला गया। बुंदेली समाज ने तीनों जांबाजों को सम्मानित किया।
शहर के मुन्ना चौराहे में लगे विशाल बरगद के पेड़ के नीचे एक प्राचीन कुआं है। शनिवार की सुबह करीब छह बजे आपस में लड़ रहे दो बछड़ों में से एक अचानक फिसलकर कुएं में गिर गया। लोग उसे बचाने के लिए दौड़े लेकिन किसी की हिम्मत गंदे पानी से भरे इस कुएं में उतरने की नहीं पड़ी। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका, पुलिस व समाजसेवियों को इसकी सूचना दी। अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर व अमित शर्मा ने भी कई जिम्मेदार लोगों को फोन किया। जब कहीं से कोई सहायता मिलती नहीं दिखी तो कुएं में तड़प रहे बछड़े को बचाने के लिए युवा सौरभ, संदीप यादव व अन्ना ने कुएं में छलांग लगा दी। रस्सी डालकर युवकों को सहारा दिया गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद बछड़े को रस्सी में बांधकर बाहर निकाला गया बाद में तीनों युवा रस्सी के सहारे ऊपर पहुंचे। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने तीनों जांबाजों को नगद धनराशि देकर सम्मानित किया।
तीन जांबाजों ने कुएं में कूंदकर बछड़े को बचाया
- सूचना देने के बाद भी पुलिस और नगर पालिका कर्मी नहीं पहुंचे
- बछड़े की जान बचाने वालों को बुंदेली समाज ने किया सम्मानित