महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार मौर्या ने जानलेवा हमला करने के मामले में दो लोगों को सात साल की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेेगी। अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेेल भेज दिया। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता शिवरतन वर्मा ने की।
थाना अजनर के ग्राम कैथौरा निवासी देवकीनंदन नौ अप्रैल 2010 को गांव के ही हरगोविंद अहिरवार की दुकान में मोबाइल रीचार्ज कराने गया था। उसी समय रईस पुत्र अमर सिंह व बहादुर हाथ में तमंचा व लाठी लेकर आ गए। और देवकीनंदन के साथ गाली गलौज करते हुए एक ने लाठी से हमला किया और दूसरे ने तमंचे से फायर झोंक दिया, जिससे उसके हाथ में गोली लग गई। गोली लगने से वह मौके पर ही गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया। देवकीनंदन ने रईस और बहादुर के खिलाफ थाना अजनर में जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
शुक्रवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद रईस और बहादुर को जानलेवा हमला करने का आरोपी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जान से मारने की धमकी देने पर एक वर्ष की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना सात क्रिमिनल लॉ में छह माह की सजा और पांच सौ रुपये का जुर्माना और मारपीट करने के आरोप में छह माह की सजा और 500 रुपये का जुर्माना ठोंका। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।
जानलेवा हमला करने के मामले में दो लोगों को सात साल की सजा
-अदालत ने सात हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका