महोबा।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रामकुशल की अदालत ने हत्या में दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी ठोका है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
कोतवाली चरखारी के ग्राम इमलियाडांग निवासी नंदराम प्रजापति 3 नवंबर 2014 को खेत पर बैठा था। तभी गांव का ही मजीद पुत्र सज्जू हाथ में कुल्हाड़ी लेकर आ गया
रंजिश में नंदराम के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया जिससे नंदराम लहूलुहान हो गया। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। भाई रामस्वरूप प्रजापति ने कोतवाली चरखारी में मजीद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे में मंगलवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश रामकुशल ने मजीद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी ठोका। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। मुकदमे की पैरवी शासकीय पक्ष से सरकारी अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की।
- ढाई साल पहले किसान की कुल्हाड़ी मारकर की थी हत्या
- अदालत ने 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी ठोका