चरखारी (महोबा)। स्टेट चरखारी की पुश्तैनी संपत्ति बेचे जाने को लेकर राजघराने में आपस में दरार पैदा हो गई है। गुरुवार की शाम को राज परिवार के दो सगे भाइयों के बीच लड़ाई-झगड़े तक की नौबत आ गई। बाद में पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों का सुलाहनामा कराकर मामला शांत कराया लेकिन दोनों भाइयों में अब खटास पैदा हो गई है। महारानी ने दोनों बेटों के अलग-अलग निवास भी कर दिए हैं।
चरखारी स्टेट के राजा जयंत सिंह जूदेव के दो बेटे हैं। राजा की मौत के बाद दोनों बेटों और पत्नी उर्मिला सिंह संपत्ति के हकदार बन गए। कुछ साल पहले महारानी उर्मिला सिंह और बेटे जय सिंह ने मिलकर कई लोगों को चरखारी स्टेट की भूमि बेच दी जबकि छोटे बेटे जयराज सिंह के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। जिस पर छोटे बेटे ने आपत्ति जताते हुए मुकदमा सिविल जज जूनियर चरखारी के यहां दायर कर दिया। इससे दोनों भाइयों और मां के बीच दरार पड़ गई। अब दोनों भाई एक-दूसरे सेे अलग हो गए हैं।
जमीनी विवाद के चलते गुरुवार की देर शाम को जय सिंह और छोटे भाई जयराज सिंह के बीच राजमहल रावबाग पैलेस में विवाद हो गया। छोटे राजा जयराज सिंह का कहना है कि उनकी धर्मपत्नी के साथ राजमाता उर्मिला सिंह के नौकर ने नशे की हालत में अभद्रता की। जिससे मां ने उसे अपने आवास के पास से भगा दिया। इससे नाराज होकर राजमाता ने विवाद शुरू कर दिया। मां-बेटे के बीच विवाद होता देख बड़ा बेटा जय सिंह भी आ गया। विवाद बढ़ने पर सीओ चरखारी दिनेश सिंह व कोतवाली प्रभारी रीता सिंह पुलिस बल के साथ राजमहल में पहुंच गई और दोनों भाइयों के बीच सुलह समझौता कराया गया। छोटे बेटे जयराज सिंह जूदेव का कहना है कि राजमाता ने पुराना राजमहल, नगर पालिका परिषद और गोवर्धन्नाथ जू मंदिर का बैनामा कर दिया है, जिसका मैंने विरोध किया। उधर राजमाता उर्मिला सिंह ने बताया कि छोटे राजा जयराज सिंह जूदेव ने राजमहल में तैनात सेवक राजेश की पिटाई कर दी और बड़े भाई जय सिंह जूदेव को चुटहिल कर दिया इसलिए पुलिस बुलानी पड़ी।
स्टेट की पुश्तैनी संपत्ति बेचने पर राजघराने में पड़ी दरार
-दो भाइयों के आपसी टकराव के चलते बुलानी पड़ी पुलिस