महोबा। विशेष न्यायधीश (पास्को अधिनियम) गजेंद्र कुमार ने बलात्कार के प्रयास के मामले में आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना ठोका। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
कोतवाली कुलपहाड़ के एक ग्राम निवासी किशोरी 23 जुलाई 2015 की देर शाम अपने घर पर थी। उसके माता पिता दिल्ली में मजदूरी करते है। तभी गांव का माखन विश्वकर्मा पुत्र जल्ला विश्वकर्मा निवासी ननवारा किशोरी के घर घुस आया। उसके भाई बहनाें को बहला फुसलाकर अपने घर टीवी देखने भेज दिया।
किशोरी को अकेला पाकर उसके साथ बलात्कार का प्रयास किया। किशोरी के चीखने पर आसपास के लोग दौड़ पड़े तभी युवक भाग गया। पीड़िता ने घटना की सूचना मोबाइल से महोबा निवासी अपनी बड़ी बहन और दिल्ली में माता पिता को दी। माता पिता ने दिल्ली से आकर माखन विश्वकर्मा के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया।
बुधवार को न्यायधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद माखन विश्वकर्मा को बलात्कार के प्रयास का दोषी मानकर उसे 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना ठोका। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह और रामेश्वर यादव ने की।