महोबा। किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने फैसला सुनाया। दुष्कर्म के दोषी को 10 साल कारावास की सजा सुनाई गई है। अपहरण में सहयोग करने पर साथी को चार साल कैद भुगतनी पड़ेगी।
थाना अजनर के एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि चार अक्तूबर 2018 की दोपहर वह हैंडपंप पर पानी भरने गई थी। तभी गांव के ही वीरेंद्र व राजू उर्फ रामसहाय बाइक से वहां आ गए और जंगल की ओर ले गए। वीरेंद्र ने उसकी राजू के साथ फोटो खींची और उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद राजू ने दुष्कर्म किया। किसी से कुछ बताने पर उसे व परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आठ अक्तूबर को दोनों आरोपियों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि राजू उर्फ रामसहाय को 10 वर्ष कारावास व 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा न करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वीरेंद्र को चार वर्ष के कारावास व आठ हजार रुपये जुर्माने लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा होगी।