महोबा। किशोरी को भगा ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर जीजा-साले को बीस-बीस वर्ष के कारावास व 32-32 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
थाना कबरई के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि पांच नवंबर 2018 की शाम उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर पर थी। तभी पसवारा गांव निवासी कालीचरण उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। उसकी पत्नी ने दो लोगों को पुत्री को ले जाते देखा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद पीड़िता को बरामद कर उसके बयान दर्ज किए गए। बयान के आधार पर दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में बढ़ोतरी की गई। पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि शौचक्रिया के लिए वह घर से बाहर गई थी तभी रास्ते में कालीचरण व उसका जीजा बाइक से मिले। कालीचरण ने उसका हाथ पकड़ कर जबरन बाइक पर बैठा लिया। दोनों उसे फरीदाबाद ले गए। जहां एक कमरे में रखकर दोनों ने दुष्कर्म किया।
अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) कु. अल्का चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि अभियुक्त हेमंत व उसके साले कालीचरण को बीस-बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 32-32 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।