पनवाड़ी (महोबा)। कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे रहा है। मंगलवार रात करीब दस बजे ग्रामीणों ने पनवाड़ी-राठ मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी की। एक घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। सूचना पर पहुंचीं थाना पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया। तब आवागमन बहाल हो सका।
पनवाड़ी पावर हाउस से दो दर्जन गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। एक माह से ग्रामीण क्षेत्रों में 24 में से महज सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। शिकायत के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को फीडर में खराबी आने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रात दस बजे तक बिजली न आने से ग्रामीण भड़क गए और राठ-पनवाड़ी मार्ग पर महिलाओं व बच्चों के साथ जाम लगा दिया। इस दौरान अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उपभोक्ता दशरथ साहू, हरिराम, मुन्ना, प्रमोद आदि ने बताया कि एक माह से भीषण उमस के बीच बिजली कटौती ने परेशान कर रखा है। कोई सुनने वाला नहीं है। बिजली कर्मचारी लाइन दुरुस्त करने के लिए सुविधा शुल्क मांगते हैं। मंगलवार को भी कस्बा समेत नैपुरा, नगाराघाट, कोटरा, रिपनौर, मारगपुरा, निसवारा, गौनगुड़ा समेत 15 गांवों की दस घंटे बिजली गुल रही। सूचना मिलते ही पनवाड़ी थाने के अपराध निरीक्षक देवेंद्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। रात 11 बजे आवागमन बहाल हो सका। उधर, बिजली विभाग के अवर अभियंता ईश्वर सिंह का कहना है कि सब स्टेशन में कुछ खराबी आने से आपूर्ति प्रभावित हुई थी। जिसे बहाल कर दिया गया है। आरोप बेबुनियाद है।