संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। रबी फसल की तैयारी में जुटे किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नहरों में छोड़े गए पानी को जगह-जगह अराजकतत्व अवरोध कर रहे हैं। जिससे नहरों का पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। हालात यह हैं कि अधिकांश किसान खेत की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें फसल का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका दिख रही है। इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इस वर्ष रबी फसल के दौरान जिले में 2.37 लाख हेक्टेयर पर आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके सिंचाई विभाग की ओर से देरी से नहरों में पानी छोड़ा गया। जिससे कृषि कार्य पहले से ही प्रभावित हे। अब नहरों में छोड़े गए पानी को जगह-जगह रोके जाने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। अराजकतत्व बोरी व पत्थर लगाकर पानी रोक रहे हैं। जिससे नहरों में छोड़ा गया पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में अधिकांश किसान सिंचाई से वंचित हैं। जिससे उनका रबी फसल का काम प्रभावित हो रहा है।
भारतीय हलधर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जनक सिंह परिहार का कहना है कि नहरों के माइनरों में अवरोध पैदा करने वाले सरकारी संपत्ति काे नुकसान पहुंचा रहे हैं। पिछले कुछ दिन से किसान उनके पास फोन कर नहर में बोरी लगा कर पानी रोके जाने की शिकायत कर रहे हैं। कबरई बांध की मुख्य नहर में कैमाहा, नहदौरा के पास कुछ लोग बोरी लगाकर पानी रोके हैं। इसी तरह अर्जुन बांध से निकली नहर में कई स्थानों पर पानी रोककर किसान सिंचाई कर रहे हैं। जिससे पानी बर्बाद हो रहा है। आगे के गांव में पानी न पहुंचने से उनके खेतों का पलेवा नहीं हो पा रहा है। यूनियन के जिलाध्यक्ष ने सिंचाई विभाग के अवर अभियंता से नहरों का पानी रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कहा कि यदि किसानों की इस समस्या का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो यूनियन के पदाधिकारी आंदोलन को मजबूर होंगे।