मालूम हो कि जिले में वर्ष 2011 में 800 लोगों को नौकरी दिए जाने के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। जिसके तहत टीईटी पास अभ्यर्थियों का मामला अधर में लटक गया था। तीन साल तक कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार न्यायालय से बीएड डिग्री धारकों को न्याय मिल गया। और बुधवार को उन्हें नियुक्ति पत्र दिए गए। अभ्यर्थ्यों से मूल प्रमाण पत्र जमा कराने के बाद हलफनामा भी लिया गया। जिससे अभ्यर्थी सारा दिन कागजों की खानापूरी में जुटे रहे। उल्लेखनीय है कि बुधवार को नियुक्ति पत्र पाने के लिए सुबह से अभ्यर्थियों की भीड़ बीएसए कार्यालय में जुट गई। बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने अभ्यथियों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो इस गरज से बीआरसी के कई कमरों में 12 कांउटर लगा दिए। जहां पर महिला पुरुषों को अलग अलग कैटेगरी बाइज प्रमाणपत्रों के जमा कराने की व्यवस्था की गई। जिससे अभ्यर्थियों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई और कांउटर पर ज्यादा देंर तक भीड़ भी नहीं लग सकी। शाम तक चयनित अभ्यर्थियों की सूची चस्पा कर दी गई। इससे पूर्व बीएसए ने सभी लोगों को खानापूरी करने के बावत जानकारी दी।