महोबा। बार काउंसिल प्रयागराज के आदेश पर जिले के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को अधिवक्ताओं ने हापुड़ की घटना के विरोध में सड़कों पर उतर प्रदर्शन किया। बाद में वकीलों ने तहसील में धरना देकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। वकीलों की हड़ताल से तारीखों पर न्यायालय आए वादकारी बैरंग लौट गए।
जिला अधिवक्ता समिति की बैठक अध्यक्ष इरेंद्र बाबू अनुरागी की अध्यक्षता में हुई। इसमें कहा गया कि हापुड़ में पुलिस ने अधिवक्ताओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करते हुए मारपीट की। जिसमें कई अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हुए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकीलों ने आवाज बुलंद की। इसके बाद बार काउंसिल के आदेश पर तीन दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने की रणनीति तय की गई। 50 से अधिक अधिवक्ताओं ने कचहरी से विरोध प्रदर्शन शुरू किया। अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। यहां एसडीएम जितेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा।
अधिवक्ता समिति के महामंत्री अरुण कुमार अरजरिया ने बताया कि पांच सितंबर को प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी का पुतला फूंका जाएगा जबकि छह सितंबर को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की वर्चुअल मीटिंग होगी। जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने वालों में राजेंद्र तिवारी, इंद्रपाल सिंह यादव, शिवपाल सिंह, दीपक सोलंकी आदि मौजूद रहे।
चरखारी संवाद के अनुसार अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार पंकज गौतम को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर वीरेंद्र पाल, भाष्कर तिवारी, महेंद्र यादव, दिनेश पाठक समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
कुलपहाड़ संवाद के अनुसार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में वकीलों ने हापुड़ घटना की निंदा करते हुए विरोध जताया। इस दौरान कौशलेंद्र राठौर, विवेक राजपूत, शिवराम समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।